असत्यव्रत: सदी का महानतम झूठा

सत्यम आज पार्क टहलने गया तो सामने से उन्हें असत्यव्रत प्रसाद आते दिख गए। असत्यव्रत जी का मसला कुछ यूं है कि उन्हें सत्य से उतना ही बैर है जितना सांप को नेवले से और भक्त को वामपंथी से। 

असत्यव्रत बाबू अपने साथी लौंडो पे भौकाल कसने के वास्ते अक्सर ये शेखी बघारते हुए पाए जाते कि वो आर्मी में पांच साल नौकरी करके उसे छोड़ आये है और इसके अलावा उन्हीं पांच सालों में उन्होंने प्रतिष्टित बनारस हिंदू विश्विद्यालय से बीए और एमए भी किया है।

तैयारी करने वाले लौंडे लोग का आयोग की परीक्षाओं में भले दिवाला निकल जाएं मगर आम जागरूकता के विषयों में उनके दिमाग मे आरटीआई डेटा से भी अधिक सूचनाएं संचित रहती है। 

लौंडे लोग असत्यव्रत प्रसाद से तो कुछ भी न कहते मगर आपसी गुपचुप में ये सवाल अक्सर उठाते कि यार इसने आर्मी की नौकरी के साथ रेगुलर कोर्स कैसे कर लिया? ऊपर से ये आर्मी से अगर भाग आया है तो आर्मी वालों ने इसे पकड़ा क्यों नही?

ख़ैर! रेगुलर डिग्री वाले माउंट एवरेस्ट सरीखे झूठ के डैमेज कंट्रोल के लिए असत्यव्रत जी ने एक अलग फार्मूला निकाल लिया है कि उन्होंने यूनिवर्सिटी के किसी बाबू से बात की है और वो पच्चीस हज़ार रूपये लेकर इनकी रेगुलर डिग्री को प्राइवेट कर देगा। 

सदी के इस महानतम झूठ पे भी असत्यव्रत जी के सभी साथी होंठ दबा के हंसते है क्योंकि अगर ज्यादा हँस देंगे तो फ़िर चलता-फिरता मनोरंजन म्यूट हो जाएगा। 

'सत्यम,मेरा नेट निकल गया बाबा विश्वनाथ की कृपा से' खुशी से पागल होकर हर्ष बोला ही था कि असत्यव्रत बोल पड़े, 'अरे, इसमें क्या खुश होने की बात! मेरा भी नेट निकला है।' 

दअरसल संसार मे जो कभी न कभी, किसी न किसी के द्वारा निकला है, उसे असत्यव्रत जी ने जरूर क्रैक किया है। लेखपाल की नौकरी छोड़कर आने का भी दावा करते है असत्यव्रत बाबू। 

जहां पूरा का पूरा मुखर्जी नगर घनघोर लैंगिक असमानता से जूझता है और लौंडे लोग बेचारे अखण्ड सिंगलत्व को धारण करने पे बेवजह मजबूर हो, वहां असत्यव्रत बाबू पांच-पांच  गर्लफ्रेंड रखने का दावा करते हो तो गांधी विहारियों का सनातन शक करना लाज़िमी ही है। 

ऊपर से असत्यव्रत बाबू ये भी कहते है कि एक गर्लफ्रैंड उन्हें जरूरत पड़ने पे 2500-3000 ₹ दे देती थी और एक दिन तैश में आकर उन्होंने उसे दो ठो रसीद दिए। असत्यव्रत के ऐसे कालजयी झूठो को पचाना सिर्फ और सिर्फ गांधी विहारियों के हाजमे के वश की बातें है।

प्रकाशित तारीख : 2021-01-08 07:20:00

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