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विचारों का सहज 'गलीचा' बिछाते थे नामवर जी !

  • Feb 21, 2020

नामवर जी का जाना हमारे लिए एक ऐसी क्षति है जो हमें जीवन भर बेधती/कचोटती रहेगी! इसलिए नहीं कि वे प्रकांड विद्वान अथवा आलोचक थे। इसलिए कि वे हमारे समय के एक ऐसे अप्रतिम योद्धा थे जो साहित्य के तमाम स्थापित तथाकथित हिमालयी गढ़ ढाहने में जीवनपर्यंत तो लगे ही रहे, साहित्य के नये प्रतिमान और सौंदर्य गढ़ने में भी उन्होंने

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पाँव छूना या चरण स्पर्श करना !

  • Feb 15, 2020

पैर किसके छूने चाहिए , इस बात पर बहुत गौर करना चाहिए ।  अक्सर लोग गाहे बगाहे हर किसी का चरण स्पर्श करते नज़र आ जाते हैं।   लेकिन चरण स्पर्श करने के पीछे भी नियम एवं शर्ते हैं।   अगर आप इन नियम या शर्तों के अनुरूप न जाकर हर किसी का चरण स्पर्श करते हैं तो उसकी होने वाली हानियों के ज़िम्म

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बारासगवर का सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल खुद बीमार: कैसे बहाल हों स्वास्थ्य सेवाएं

  • Feb 12, 2020

जनपद का बारासगवर गांव जिसे यहां के चर्चित भाजपा के कद्दावर नेता साक्षी महाराज गोद लिए हैं का कोई पुरसाहाल नही है। केन्द्र व प्रदेश सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर तरह तरह के दावे करती हो किन्तु इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बदहाल हैं। एक मात्र बारासगवर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय खुद मेंं असाध्य वी

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क्या ज़बर्दस्त औरत रही होगी कलकत्ते की बेगम जॉनसन !

  • Feb 03, 2020

कलकत्ता डायरी सन 1725 में कोरोमंडल, तमिलनाडु के फोर्ट सेंट डेविड के ब्रिटिश गवर्नर एडवर्ड क्रूक और उनकी पुर्तगाली पत्नी इसाबेला बैज़ोर के घर जन्मी फ्रांसिस जॉनसन ने बंगाल के आधुनिक इतिहास को बनते हुए देखा और जीवन का बेहद लम्बा वक्फा कलकत्ता में गुजारा. बहुत छोटी उम्र में उसने कलकत्ता

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हिन्दुओं में विवाह रात्रि में क्यों होते हैं ?

  • Jan 31, 2020

क्या कभी आपने सोचा है कि हिन्दुओं में रात्रि को विवाह क्यों होने लगे हैं, जबकि हिन्दुओं में रात में शुभकार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है क्योंकि ये निशाचरी समय होता है ? रात को देर तक जागना और सुबह को देर तक सोने को, राक्षसी प्रवृत्ति बताया जाता है। रात में जागने वाले को निशाचर कहते हैं। केवल तंत्र सिद्धि करने वालो

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बाबासाहेब और कार्ल मार्क्स

  • Jan 30, 2020

विश्व के दो महान विभुती कार्ल मार्क्स और बाबासाहेब आंबेडकर,अहिंसा और मानवता के दुत जिसे विश्व का कोई भी व्यक्ती झुटला नहीं सकता। कार्ल मार्क्स का जन्म 5 मई सन् 1818 को एक यहुदी परिवार में हुआ। परंतु परिवारवालों ने मात्र मार्क्स के 6 / 7 वर्ष के आयु में ही ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था। डाँ. बाबासाहेब के जन्म

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निर्भया दुष्कर्म  फैसले से सीख

  • Jan 11, 2020

सात साल पहले निर्भया के साथ राजधानी दिल्ली के मुनिरका में हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने ना केवल देश को दहला दिया था बल्कि बर्बरता की भी ऐसी बानगी सामने रखी थी कि हर माता-पिता के मन में भय का स्याह अंधेरा छा गया था। इस अमानवीय और क्रूर मामले ने बेटियों की असुरक्षा से जुड़ीं दर्दनाक स्थितियां ही नहीं, महिलाओं के प्रत

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कम्युनिष्ट का नकली साम्यवाद !

  • Jan 07, 2020

ईंसवी सन् २००६ दशहरे के दिनों में कोलकाता दुर्गापुजा में सदा कि भाँती दुर्गापुजा का उत्सव मनाया जा रहा था । पश्चिम बंगाल सरकार के एक मन्त्री पुजा कि थाली लिए अपने हिन्दुत्व कि वेश - भुषा में देवि कि पुजा अर्चना करने दुर्गा पंडाल पहुँच रहे थे । वहाँ उपस्थित एक मीडियाकर्मी ने साहस बटोरकर उस मन्त्री महोदय से प्रश्न किय

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प्लास्टिक के विरुद्ध

  • Jan 07, 2020

आज के दौर में प्लास्टिक विश्व समुदाय के समक्ष एक बड़ी पर्यावरणीय चुनौती है। कुल प्लास्टिक का एक बड़ा हिस्सा हमारे आसपास एकल प्रयोग (सिंगल यूज) प्लास्टिक के रूप में फैला हुआ है। इससे निपटना संभव है, बशर्ते वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक के खिलाफ प्रभावी प्रयास हों। भारत आर्थिक और तकनीकी संपन्न राष्ट्र बनने की दिशा में लगाता

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