शिव शिव जड़ चेतन सभी, शिवमय सब संसार

शिव शिव जड़ चेतन सभी, शिवमय सब संसार

पर्व महाशिवरात्रि का, शिवमय सब संसार ।
संचित कर ऊर्जा सभी, कर शिव शिव उद्गार ।।

अभय नाथ शिव शम्भु हे, मेरे भोलेनाथ ।
हो प्रसन्न निज हस्त को, धर दो मेरे माथ ।।

जो रस पीये नित्य ही, बैठ समाधि लगाय ।
करहुँ कृपा टुक मोहुँ पर, दो इक बूँद पिलाय ।।

शिव शिव जड़ चेतन सभी, शिवमय सब संसार ।
एक अलौकिक शक्ति वह, वासित सभी प्रकार ।।

हृदय प्रेम के भाव को, नीर क्षीर सम जान । 
मन से कर अभिषेक नित, नित शिव का कर ध्यान ।।

अलख अनादि अखेद हैं, अभय रूप आनंद ।
परम रूप साकार वह, वही हैं सच्चिदानन्द ।।

हिय मंदिर को शुद्ध कर, शिव को दे आकार ।
नित नित ही अभिषेक कर, प्रेम गंग की धार ।।

शिव शिव जपते ही रहो, जब तक तन में प्राण ।
करो प्रखर नित साधना, होगा तब कल्याण ।।

विश्व के सभी जीवों को महाशिवरात्रि पर्व की अनंत शुभकामनायें ।

Feb 21, 2020 08:00:02 - मे प्रकाशित

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