बाक्सा के युव ब्यावसायी की प्रशंसनीय पदछेप 

जनता के यातायात की सुविधा केलिए दिरिंग नदी के उपर निर्माण कर दिया बांस का पुल

बाक्सा के युव ब्यावसायी की प्रशंसनीय पदछेप 

बाक्सा जिले के भारत-भूटान सीमा की सुवनखाटा इलाको के सेरफांग गुड़ी गांव निवासी युव ब्यावसायी रत्नेस्वार गयारी की प्रशंसनीय पदछेप। अपनी खर्चो से जनता के यातायात की सुविधा केलिए दिरिंग नदी के उपर निर्माण कर दी एक बांस की पुल।

उलेख्य है की जिले के सुवनखाटा-निकासी सड़क की दिरिंग नदी में रहे पुल गत साल में बीच हिस्सो में टुट जानेके फलस्वारुप यातायात की छेत्रो में जनता को कठिनाया का सामना करना पड़ रहा है। जिसके लिए ब्यास्त सड़क के जनता की असुबिधा के मध्ये नजर रखकर  गत सालो में बागानपाड़ा बीटीसी परिषदीय छेत्र के एमसीएलए फनींद्र बसुमतारी की तत्वाधान में सामयिक रुपमें यातायात करने केलिए टुटी हुइ अंश में एक बांस की पुल बना दिया था।

बारिस के बाद सर्दी के समय में इलाको के लोगो ने पुल की निचे से आवत-जावत करते है पर बारिस की पहली बाढ़ी में बंद हो गया जनता की यातायात। जिसके लिए सुवनखाटा इलाका के युव ब्यावसायी रत्नेस्वार गयारी ने आगे बड़कर आए अौर टुटा हुआ भाग में एक बांस का पुल निर्माण करके यातायात की ब्यावस्था कर देकर महानुभवता की परिचय दिया।

मालुम हो की पुल निर्माण करने में रत्नेस्वर गयारी की करीब 14000 रुपयाँ खर्च हुआ है।

Jun 04, 2020 21:07:16 - मे प्रकाशित

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