अमर उजाला

गणेशोत्सव शुरू करने में क्यों हुआ था तिलक का विरोध?

  • Aug 29, 2020

जिस सार्वजनिक गणेशोत्सव को आजकल लोग इतनी धूमधाम से मनाते हैं उस पब्लिक फंक्शन को शुरू करने में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को काफी मुश्किलात और विरोध का सामना करना पड़ा था। हालांकि सन् 1894 में कांग्रेस के उदारवादी नेताओं के भारी विरोध की परवाह किए बिना दृढ़निश्चय कर चुके लोकमान्य तिलक ने इस गौरवशाली परंपर

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जनधन योजना के 6 साल: बीस करोड़ वयस्कों के लिए बैंक अब भी बहुत दूर

  • Aug 29, 2020

औपचारिक वित्तीय या बैंकिंग सेवाओं से दूर रहने के कारण लाखों भारतीय परिवार गरीबी के चक्र में फंसे रह जाते हैं। लोग अपनी जमा पूंजी को असुरक्षित माध्यमों में रखते हैं जो कि अक्सर डूब जाती है। गरीब लोग मित्रों और रिश्तेदारों को पैसे भेजने के लिए अनौपचारिक माध्यमों का सहारा लेते हैं और जब मुश्किल पड़ती है तो पैसे के लिए म

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लैंगिक असमानता के बीच अर्थव्यवस्था संभालतीं महिलाएं, जरूरत श्रम के सम्मान की लेकिन हो रहा अवमूल्यन

  • Aug 11, 2020

भावना मासीवाल कोविड-19 महामारी का सबसे ज्यादा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ा है। इसके कारण वैश्विक स्तर पर देश की सीमाओं से लेकर व्यापार तक को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया, जिसका सीधा प्रभाव देश की आर्थिक स्थिति पर देखने को मिल रहा है। अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उत्पादन

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पंडितों के बिना अधूरा है कश्मीर, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज करें पलायन की जांचः फारूक अब्दुल्ला

  • Aug 03, 2020

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने 1990 के शुरूआती दौर में कश्मीरी पंडितों के पलायन की जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है। वह उन्हें ससम्मान वापस लाने की किसी भी प्रक्रिया का पूरा समर्थन करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आरोप

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प्रशंसा एक रोग है, सवाल और आलोचना एक औषधि

  • Aug 02, 2020

रत्नेश मिश्र  प्रशंसा एक रोग है, करने वाला भी रोगी, करवाने वाला भी रोगी। दुर्योग से यह रोग हर दौर में सत्ता- प्रतिषठान के केंद्र में रहा है। पहले राजदरबारों में दरबारी लोग होते थे, कवि होते थे जो राजा की प्रशंसा में गीत रचते थे, गाते थे, राजा खुश होता था और ऐसे लोगों को अशर्फियों और ध

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अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 2020: बाघ के लिए कहीं अधिक खूंखार है आदमी

  • Jul 31, 2020

बाघ या बड़ी बिल्ली परिवार का कोई भी सदस्य भरे-पूरे वन्यजीव संसार का संकेतक या मापक और स्वस्थ-संतुलित पर्यावरण का प्रतीक होता है, इसलिए इस अति महत्वपूर्ण जीव के विलुप्ति के कगार तक पहुंच जाने से चिंतित बाघों की मौजूदगी वाले 13 देशों ने सेंट पीटर्सबर्ग में 2010 में 2022 तक बाघों की संख्या दोगुनी कर 6 हजार तक पहुंच

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असम और बिहार में बाढ़ से स्थिति भयावह, 37 लाख लोग हुए प्रभावित

  • Jul 25, 2020

असम और बिहार में बाढ़ से स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है और करीब 37 लाख की आबादी इसकी वजह से प्रभावित हुई है। असम में बाढ़ के कारण तीन और लोगों की मौत की खबर है। जानकारी के अनुसार, असम के 33 जिलों में 27 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बारपेटा, कोकराझार और मोरिगांव जैसे इलाकों में बाढ़ की वजह से मौत होने

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लिपुलेख के बाद अब गुंजी से ज्योलिंकांग तक जल्द बनेगी सड़क, महज डेढ़ घंटे में पहुंच जाएंगे आदि कैलाश

  • Jul 18, 2020

67 आरसीसी बीआरओ(बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) ने तवाघाट-लिपुलेख सड़क लिंक करने के बाद गुंजी से ज्योलिंकांग तक भी कटिंग का काम पूरा कर लिया है। 34 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर अब पुल बनने हैं। पुलों का निर्माण होते ही आदि कैलाश पहुंचना सुगम हो जाएगा। पहले आदि कैलाश जाने में दो दिन का समय लगता था। सड़क निर्माण पूरा होने से गुं

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चीन विवाद और कांग्रेस : जब ममता, मायावती, शरद पवार और स्टालिन समझ सकते हैं तो राहुल गांधी क्यों नहीं?

  • Jun 23, 2020

राहुल गांधी कांग्रेस के लिए तब तक अपरिहार्य राजनीतिक समस्या बने रहेंगे जब तक वे संसदीय राजनीति में सक्रिय रहेंगे। उनके बिना देश की स्वाभाविक शासक पार्टी का कोई भी विमर्श पूरा नही हो सकता है क्योंकि उनकी अमोघ शक्ति है उनका उपनाम। कांग्रेस के इतिहास में राहुल गांधी सबसे नाकाम गांधी हैंं लेकिन इसके बावजद य

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